एसएससी सीजीएल
पूर्ण संख्याएं, दशमलव और भिन्न
पूर्ण संख्याएं, दशमलव और भिन्न मात्रात्मक योग्यता का आधार अध्याय है। SSC CGL में सीधे इस अध्याय से 1-2 प्रश्न आते हैं और अप्रत्यक्ष रूप से हर अध्याय में इन अवधारणाओं का उपयोग होता है। इस अध्याय में हम पूर्ण संख्याओं के गुणधर्म, दशमलव संक्रियाएं, भिन्न के प्रकार और उनकी गणनाओं को पूरी गहराई से कवर करेंगे। जो परीक्षार्थी यह अध्याय अच्छे से समझ लेते हैं उनका बाकी का QA section अपने आप मजबूत हो जाता है। इस अध्याय से जो भी concept है उसका एक भी बिंदु छूटना नहीं चाहिए क्योंकि ये सब SSC के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं।
1. संख्या प्रणाली - पूर्ण अवलोकन
1.1 संख्याओं के प्रकार
संख्या प्रणाली को समझना सबसे पहला कदम है। हर प्रकार की संख्या अपनी विशिष्ट गुणधर्म रखती है।
प्राकृत संख्याएं (N):
- परिभाषा: गिनती की संख्याएं जो 1 से शुरू होती हैं
- समुच्चय: {1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, ...}
- सबसे छोटी प्राकृत संख्या: 1
- कोई सबसे बड़ी प्राकृत संख्या नहीं (अनंत)
- 1 को छोड़कर हर प्राकृत संख्या या तो अभाज्य है या भाज्य
- शून्य प्राकृत संख्या नहीं है
पूर्ण संख्याएं (W):
- परिभाषा: प्राकृत संख्याएं + शून्य
- समुच्चय: {0, 1, 2, 3, 4, 5, ...}
- सबसे छोटी पूर्ण संख्या: 0
- प्राकृत संख्याओं से अंतर: केवल शून्य जोड़ा गया है
- हर प्राकृत संख्या एक पूर्ण संख्या है लेकिन हर पूर्ण संख्या प्राकृत संख्या नहीं है
पूर्णांक (Z):
- परिभाषा: पूर्ण संख्याएं + ऋणात्मक संख्याएं
- समुच्चय: {..., -4, -3, -2, -1, 0, 1, 2, 3, 4, ...}
- धनात्मक पूर्णांक: {1, 2, 3, 4, ...} = प्राकृत संख्याएं
- ऋणात्मक पूर्णांक: {-1, -2, -3, -4, ...}
- शून्य न धनात्मक है न ऋणात्मक
- हर पूर्ण संख्या एक पूर्णांक है लेकिन हर पूर्णांक पूर्ण संख्या नहीं है
परिमेय संख्याएं (Q):
- परिभाषा: वे संख्याएं जो p/q रूप में लिखी जा सकती हैं जहां p और q पूर्णांक हैं और q ≠ 0
- उदाहरण: 3/4, -5/2, 7 (= 7/1), 0 (= 0/1), 0.5 (= 1/2), 0.333... (= 1/3)
- हर पूर्णांक एक परिमेय संख्या है
- अंत होने वाले दशमलव और आवर्ती दशमलव दोनों परिमेय होते हैं
- परिमेय संख्याओं का दशमलव विस्तार या तो अंत होता है या आवर्ती होता है
अपरिमेय संख्याएं:
- परिभाषा: वे संख्याएं जो p/q रूप में नहीं लिखी जा सकतीं
- उदाहरण: √2, √3, √5, π, e, √7
- उनका दशमलव विस्तार न समाप्त होता है न दोहराता है
- √2 = 1.41421356... (कभी खत्म नहीं होता, कभी दोहराता नहीं)
- π = 3.14159265... (कभी खत्म नहीं होता, कभी दोहराता नहीं)
- महत्वपूर्ण: √4 = 2 (परिमेय है), √9 = 3 (परिमेय है) - पूर्ण वर्गों के मूल परिमेय होते हैं
वास्तविक संख्याएं (R):
- परिभाषा: परिमेय + अपरिमेय संख्याएं मिलाकर
- संख्या रेखा पर हर संख्या एक वास्तविक संख्या है
- वास्तविक संख्याएं पूरी संख्या रेखा को कवर करती हैं
सम्बन्ध (उपसमुच्चय): N ⊂ W ⊂ Z ⊂ Q ⊂ R
1.2 सम और विषम संख्याएं - पूरे नियम
सम संख्याएं:
- परिभाषा: 2 से exactly विभाज्य संख्याएं
- सामान्य रूप: 2n जहां n कोई भी पूर्णांक है
- समुच्चय: {..., -4, -2, 0, 2, 4, 6, 8, ...}
- 0 सम है
- 2 एकमात्र सम अभाज्य संख्या है
विषम संख्याएं:
- परिभाषा: 2 से विभाज्य नहीं होतीं
- सामान्य रूप: 2n+1 जहां n कोई भी पूर्णांक है
- समुच्चय: {..., -3, -1, 1, 3, 5, 7, 9, ...}
सम और विषम संख्याओं पर संक्रियाएं:
| संक्रिया | परिणाम | उदाहरण |
|---|---|---|
| सम + सम | सम | 4 + 6 = 10 |
| विषम + विषम | सम | 3 + 5 = 8 |
| सम + विषम | विषम | 4 + 3 = 7 |
| सम × सम | सम | 4 × 6 = 24 |
| सम × विषम | सम | 4 × 3 = 12 |
| विषम × विषम | विषम | 3 × 5 = 15 |
| सम - सम | सम | 8 - 4 = 4 |
| विषम - विषम | सम | 7 - 3 = 4 |
| सम - विषम | विषम | 6 - 3 = 3 |
| सम^n | सम | 2³ = 8 |
| विषम^n | विषम | 3³ = 27 |
1.3 अभाज्य और भाज्य संख्याएं - गहरा अध्ययन
अभाज्य संख्याएं:
- परिभाषा: ठीक 2 गुणनखंड - 1 और स्वयं
- सबसे छोटी अभाज्य: 2
- एकमात्र सम अभाज्य: 2
- अन्य सभी अभाज्य विषम हैं
- 1 न अभाज्य है न भाज्य
- 0 न अभाज्य है न भाज्य
1 से 100 तक अभाज्य संख्याओं की सूची (25 अभाज्य): 2, 3, 5, 7, 11, 13, 17, 19, 23, 29, 31, 37, 41, 43, 47, 53, 59, 61, 67, 71, 73, 79, 83, 89, 97
किसी संख्या के अभाज्य होने की जांच कैसे करें:
- √n निकालें
- √n तक की सभी अभाज्य संख्याओं से विभाज्यता जांचें
- यदि किसी से विभाज्य नहीं, तो अभाज्य है
- उदाहरण: क्या 97 अभाज्य है? √97 ≈ 9.8. 2, 3, 5, 7 जांचें. 97 किसी से विभाज्य नहीं. तो 97 अभाज्य है।
भाज्य संख्याएं:
- परिभाषा: 2 से अधिक गुणनखंड
- सबसे छोटी भाज्य: 4
- हर भाज्य संख्या में कम से कम एक अभाज्य गुणनखंड होता है
अंकगणित का मूल प्रमेय: हर भाज्य संख्या को अद्वितीय रूप से अभाज्य संख्याओं के गुणनफल के रूप में व्यक्त किया जा सकता है।
- उदाहरण: 360 = 2³ × 3² × 5
किसी संख्या के गुणनखंडों की संख्या: यदि N = p^a × q^b × r^c तो कुल गुणनखंड = (a+1)(b+1)(c+1)
- उदाहरण: 360 = 2³ × 3² × 5¹
- कुल गुणनखंड = (3+1)(2+1)(1+1) = 4 × 3 × 2 = 24
सह-अभाज्य संख्याएं:
- वे दो संख्याएं जिनका HCF = 1
- उदाहरण: (8, 9), (4, 9), (15, 16)
- ध्यान दें: स्वयं अभाज्य होना जरूरी नहीं
- क्रमागत पूर्णांक हमेशा सह-अभाज्य होते हैं
जुड़वां अभाज्य: 2 के अंतर वाले अभाज्य जोड़े
- (3,5), (5,7), (11,13), (17,19), (29,31), (41,43), (59,61), (71,73)
अभाज्य त्रिक: (3, 5, 7) एकमात्र अभाज्य त्रिक है
1.4 विभाज्यता के नियम - सभी नियम उदाहरणों सहित
2 से विभाज्यता:
- नियम: अंतिम अंक 0, 2, 4, 6, या 8 हो
- उदाहरण: 47,832 - अंतिम अंक 2, तो 2 से विभाज्य
3 से विभाज्यता:
- नियम: सभी अंकों का योग 3 से विभाज्य हो
- उदाहरण: 52,416 → 5+2+4+1+6 = 18 → 18÷3 = 6 ✓
4 से विभाज्यता:
- नियम: अंतिम दो अंकों से बनी संख्या 4 से विभाज्य हो
- उदाहरण: 7,316 → 16÷4 = 4 ✓
- उदाहरण: 7,318 → 18÷4 = 4.5 ✗
5 से विभाज्यता:
- नियम: अंतिम अंक 0 या 5 हो
- उदाहरण: 3,475 - अंतिम अंक 5 ✓
6 से विभाज्यता:
- नियम: 2 और 3 दोनों से विभाज्य हो
- उदाहरण: 5,412 → सम (÷2 ✓) और 5+4+1+2=12 (÷3 ✓) → 6 से विभाज्य
7 से विभाज्यता:
- नियम: अंतिम अंक को दोगुना करें, शेष संख्या से घटाएं, परिणाम 7 से विभाज्य होना चाहिए। जरूरत पड़े तो दोहराएं।
- उदाहरण: 343 → शेष: 34, अंतिम अंक दोगुना: 3×2=6 → 34-6=28 → 28÷7=4 ✓
- उदाहरण: 2,401 → 240 - 2 = 238 → 23 - 16 = 7 ✓
8 से विभाज्यता:
- नियम: अंतिम तीन अंकों से बनी संख्या 8 से विभाज्य हो
- उदाहरण: 9,128 → 128÷8 = 16 ✓
- उदाहरण: 1,234 → 234÷8 = 29.25 ✗
9 से विभाज्यता:
- नियम: सभी अंकों का योग 9 से विभाज्य हो
- उदाहरण: 9,801 → 9+8+0+1 = 18 → 18÷9 = 2 ✓
10 से विभाज्यता:
- नियम: अंतिम अंक 0 हो
- उदाहरण: 4,570 ✓
11 से विभाज्यता:
- नियम: (विषम स्थानों के अंकों का योग) - (सम स्थानों के अंकों का योग) = 0 या 11 से विभाज्य
- स्थान दाईं ओर से गिने जाते हैं
- उदाहरण: 85,426 → विषम स्थान (दाएं से): 6, 4, 8 = 18 → सम स्थान: 2, 5 = 7 → 18-7 = 11 ✓
- उदाहरण: 1,331 → विषम: 1+3 = 4 → सम: 3+1 = 4 → 4-4 = 0 ✓
12 से विभाज्यता:
- नियम: 3 और 4 दोनों से विभाज्य हो
- उदाहरण: 1,644 → 1+6+4+4=15 (÷3 ✓) और अंतिम दो अंक 44÷4=11 ✓
13 से विभाज्यता:
- नियम: अंतिम अंक को 4 से गुणा करें, शेष संख्या में जोड़ें। परिणाम 13 से विभाज्य होना चाहिए।
- उदाहरण: 286 → 28 + (6×4) = 28+24 = 52 → 52÷13 = 4 ✓
14 से विभाज्यता:
- नियम: 2 और 7 दोनों से विभाज्य हो
15 से विभाज्यता:
- नियम: 3 और 5 दोनों से विभाज्य हो
16 से विभाज्यता:
- नियम: अंतिम चार अंक 16 से विभाज्य हों
25 से विभाज्यता:
- नियम: अंतिम दो अंक 00, 25, 50, या 75 हों
1.5 पूर्ण संख्याओं के गुणधर्म - सभी गुणधर्म
संवृत्त गुणधर्म:
- योग: a + b ∈ W सभी a, b ∈ W के लिए (संवृत्त)
- उदाहरण: 3 + 5 = 8 ∈ W ✓
- गुणन: a × b ∈ W सभी a, b ∈ W के लिए (संवृत्त)
- उदाहरण: 3 × 5 = 15 ∈ W ✓
- व्यवकलन: संवृत्त नहीं। 3 - 5 = -2 ∉ W ✗
- भाग: संवृत्त नहीं। 3 ÷ 5 = 0.6 ∉ W ✗
क्रमविनिमेय गुणधर्म:
- योग: a + b = b + a (क्रमविनिमेय)
- उदाहरण: 7 + 3 = 3 + 7 = 10 ✓
- गुणन: a × b = b × a (क्रमविनिमेय)
- उदाहरण: 4 × 6 = 6 × 4 = 24 ✓
- व्यवकलन: क्रमविनिमेय नहीं। 7 - 3 ≠ 3 - 7 ✗
- भाग: क्रमविनिमेय नहीं। 12 ÷ 4 ≠ 4 ÷ 12 ✗
साहचर्य गुणधर्म:
- योग: (a + b) + c = a + (b + c) (साहचर्य)
- उदाहरण: (2+3)+4 = 2+(3+4) = 9 ✓
- गुणन: (a × b) × c = a × (b × c) (साहचर्य)
- उदाहरण: (2×3)×4 = 2×(3×4) = 24 ✓
- व्यवकलन: साहचर्य नहीं। (9-4)-2 = 3 ≠ 9-(4-2) = 7 ✗
- भाग: साहचर्य नहीं ✗
वितरण गुणधर्म:
- बाएं वितरण: a × (b + c) = a×b + a×c
- उदाहरण: 5 × (3+4) = 5×3 + 5×4 = 35 ✓
- दाएं वितरण: (b + c) × a = b×a + c×a
- व्यवकलन के साथ भी: a × (b - c) = a×b - a×c
तत्समक तत्व:
- योगात्मक तत्समक: 0 (a + 0 = a = 0 + a)
- उदाहरण: 7 + 0 = 7
- गुणनात्मक तत्समक: 1 (a × 1 = a = 1 × a)
- उदाहरण: 7 × 1 = 7
शून्य के गुणधर्म:
- a + 0 = a (योगात्मक तत्समक)
- a × 0 = 0 (शून्य गुणन)
- 0 × a = 0
- a - 0 = a
- 0 - a = -a
- 0 ÷ a = 0 (जहां a ≠ 0)
- a ÷ 0 = अपरिभाषित
- 0^0 = अपरिभाषित
एक के गुणधर्म:
- a × 1 = a (गुणनात्मक तत्समक)
- a ÷ 1 = a
- 1^n = 1 सभी n के लिए
- a^1 = a सभी a के लिए
1.6 BODMAS - पूरी जानकारी सभी मामलों के साथ
BODMAS वह क्रम निर्धारित करता है जिसमें संक्रियाएं की जाती हैं।
B - कोष्ठक (सबसे अंदर से बाहर की ओर हल करें)
- प्रकार: ( ) फिर { } फिर [ ]
- सबसे अंदर का कोष्ठक पहले
- ( ) = साधारण कोष्ठक
- { } = घुंघरालू कोष्ठक
- = वर्ग कोष्ठक
O - घात और मूल (powers और roots)
- घातांक (2³), वर्गमूल (√9) आदि
- "of" का अर्थ गुणन होता है (1/2 of 10 = 5)
D - भाग (बाएं से दाएं)
M - गुणन (बाएं से दाएं)
A - योग (बाएं से दाएं)
S - व्यवकलन (बाएं से दाएं)
महत्वपूर्ण नोट: D और M की समान प्राथमिकता है (बाएं से दाएं)। A और S की समान प्राथमिकता है (बाएं से दाएं)।
उदाहरण 1 (बुनियादी): 15 + 3 × (8 - 2)² ÷ 9 = 15 + 3 × 6² ÷ 9 (कोष्ठक) = 15 + 3 × 36 ÷ 9 (घात) = 15 + 108 ÷ 9 (गुणन) = 15 + 12 (भाग) = 27 (योग)
उदाहरण 2 (एकाधिक कोष्ठक): [{(5 + 3) × 2} - 4] ÷ 3 = [{8 × 2} - 4] ÷ 3 = [16 - 4] ÷ 3 = 12 ÷ 3 = 4
उदाहरण 3 (भिन्न के साथ): 3/4 of 48 + 6² - (9 × 2) = 3/4 × 48 + 36 - 18 = 36 + 36 - 18 = 54
1.7 महत्वपूर्ण संख्या गणना सूत्र
पहले n प्राकृत संख्याओं का योग: = n(n+1)/2
- उदाहरण: 1 से 100 का योग = 100 × 101/2 = 5050
पहले n विषम संख्याओं का योग: = n²
- उदाहरण: 1+3+5+7+9 = 5² = 25 (पहली 5 विषम संख्याएं)
पहले n सम संख्याओं का योग: = n(n+1)
- उदाहरण: 2+4+6+8+10 = 5×6 = 30 (पहली 5 सम संख्याएं)
पहले n प्राकृत संख्याओं के वर्गों का योग: = n(n+1)(2n+1)/6
- उदाहरण: 1²+2²+3²+...+10² = 10×11×21/6 = 385
पहले n प्राकृत संख्याओं के घनों का योग: = [n(n+1)/2]²
- उदाहरण: 1³+2³+3³+...+10³ = [10×11/2]² = 55² = 3025
महत्वपूर्ण: पहले n प्राकृत संख्याओं के घनों का योग = (पहले n प्राकृत संख्याओं के योग)²
2. दशमलव - पूरी जानकारी
2.1 स्थानीय मान प्रणाली
दशमलव के लिए स्थानीय मान समझना अनिवार्य है।
दशमलव बिंदु के बाईं ओर के स्थान (पूर्ण संख्या):
- इकाई: 10⁰ = 1
- दहाई: 10¹ = 10
- सैकड़ा: 10² = 100
- हजार: 10³ = 1000
- दस हजार: 10⁴ = 10000
- लाख: 10⁵ = 100000
- दस लाख: 10⁶ = 1000000
- करोड़: 10⁷ = 10000000
दशमलव बिंदु के दाईं ओर के स्थान:
- दसवां: 10⁻¹ = 0.1 = 1/10
- सौवां: 10⁻² = 0.01 = 1/100
- हजारवां: 10⁻³ = 0.001 = 1/1000
- दस हजारवां: 10⁻⁴ = 0.0001
- लाखवां: 10⁻⁵ = 0.00001
उदाहरण: 4,635.278 में:
- 4 हजार के स्थान पर है (मान = 4000)
- 6 सैकड़े के स्थान पर है (मान = 600)
- 3 दहाई के स्थान पर है (मान = 30)
- 5 इकाई के स्थान पर है (मान = 5)
- 2 दसवें स्थान पर है (मान = 0.2)
- 7 सौवें स्थान पर है (मान = 0.07)
- 8 हजारवें स्थान पर है (मान = 0.008)
2.2 दशमलव के प्रकार - पूर्ण वर्गीकरण
सांत दशमलव:
- परिभाषा: दशमलव विस्तार सीमित अंकों के बाद समाप्त हो जाता है
- उदाहरण: 0.5, 0.25, 0.125, 3.75, 0.3125
- ये हमेशा परिमेय संख्याएं होती हैं
- भिन्न p/q (न्यूनतम रूप में) सांत दशमलव देती है यदि और केवल यदि q में 2 और 5 के अलावा कोई अभाज्य गुणनखंड न हो
- उदाहरण: 7/20 = 7/(4×5) → केवल 2 और 5 के गुणनखंड → सांत = 0.35
- उदाहरण: 1/3 → गुणनखंड 3 → असांत
असांत आवर्ती दशमलव:
- परिभाषा: दशमलव विस्तार कभी समाप्त नहीं होता लेकिन एक पैटर्न दोहराता है
- उदाहरण: 1/3 = 0.333... = 0.3̄
- उदाहरण: 1/6 = 0.16666... = 0.16̄
- उदाहरण: 1/7 = 0.142857142857... = 0.1̄4̄2̄8̄5̄7̄
- उदाहरण: 1/11 = 0.090909... = 0.0̄9̄
- दोहराने वाले खंड को "आवर्त" कहते हैं
- ये परिमेय संख्याएं होती हैं
असांत अनावर्ती दशमलव:
- परिभाषा: कभी समाप्त नहीं होते और कभी दोहराते नहीं
- ये अपरिमेय संख्याएं होती हैं
- उदाहरण: √2 = 1.41421356237...
- उदाहरण: √3 = 1.73205080757...
- उदाहरण: π = 3.14159265358...
- उदाहरण: e = 2.71828182845...
शुद्ध आवर्ती दशमलव:
- दशमलव बिंदु के बाद सभी अंक आवर्त खंड का हिस्सा हैं
- उदाहरण: 0.3̄ = 0.333...
- उदाहरण: 0.1̄4̄ = 0.141414...
मिश्रित आवर्ती दशमलव:
- दशमलव के बाद कुछ अंक अनावर्ती हैं, फिर आवर्त शुरू होता है
- उदाहरण: 0.16̄ = 0.1666...
- उदाहरण: 0.13̄6̄ = 0.13636...
2.3 आवर्ती दशमलव को भिन्न में बदलना
प्रकार 1: शुद्ध आवर्ती (0.aaa... प्रकार)
सूत्र: मान = (आवर्त भाग) / (उतने ही 9)
- 0.3̄ = 3/9 = 1/3
- 0.7̄ = 7/9
- 0.2̄7̄ = 27/99 = 3/11
- 0.1̄4̄2̄8̄5̄7̄ = 142857/999999 = 1/7
- 0.1̄ = 1/9
- 0.9̄ = 9/9 = 1 (बहुत महत्वपूर्ण! 0.999... = 1 बिल्कुल सही)
प्रकार 2: मिश्रित आवर्ती (0.ab̄ प्रकार)
सूत्र: मान = (पूरी संख्या - अनावर्ती भाग) / (आवर्ती अंकों जितने 9, फिर अनावर्ती अंकों जितने 0)
- 0.16̄ = (16-1)/90 = 15/90 = 1/6
- 0.13̄6̄ = (136-1)/990 = 135/990 = 3/22
- 0.83̄ = (83-8)/90 = 75/90 = 5/6
- 0.46̄3̄ = (463-4)/990 = 459/990 = 51/110
सामान्य सूत्र: यदि दशमलव = 0.(अनावर्ती भाग)(आवर्ती भाग) x = दशमलव के बाद अनावर्ती अंकों की संख्या y = आवर्ती अंकों की संख्या तो हर = (10^y - 1) × 10^x = (99...9)(00...0) अंश = दशमलव के बाद पूरी संख्या - अनावर्ती भाग
2.4 भिन्न को दशमलव में बदलना
विधि: लंबा भाग
चरण 1: अंश को हर से भाग दें
चरण 2: यदि शेषफल = 0, सांत दशमलव
चरण 3: यदि शेषफल दोहराता है, आवर्ती दशमलव है
SSC के लिए याद रखने योग्य महत्वपूर्ण रूपांतरण:
1/2 = 0.5
1/3 = 0.333...
1/4 = 0.25
1/5 = 0.2
1/6 = 0.1666...
1/7 = 0.142857142857...
1/8 = 0.125
1/9 = 0.111...
1/11 = 0.0909...
1/12 = 0.08333...
1/16 = 0.0625
1/20 = 0.05
1/25 = 0.04
1/50 = 0.02
1/125 = 0.008
2.5 दशमलव पर संक्रियाएं - पूरी जानकारी
योग:
- दशमलव बिंदुओं को एक सीध में रखें (जरूरत पड़े तो शून्य जोड़ें)
- पूर्ण संख्याओं की तरह जोड़ें
- परिणाम में दशमलव बिंदु उसी स्थान पर रखें
उदाहरण:
23.456 + 7.8 + 0.09
= 23.456
- 7.800
- 0.090 = 31.346
व्यवकलन:
- योग की तरह ही - दशमलव बिंदु सीध में रखें
उदाहरण:
45.6 - 18.37
= 45.60
- 18.37 = 27.23
गुणन:
चरण 1: दशमलव बिंदु को नजरअंदाज करें, पूर्ण संख्याओं की तरह गुणा करें
चरण 2: दोनों संख्याओं में कुल दशमलव स्थान गिनें
चरण 3: परिणाम में दाईं ओर से उतने स्थान पर दशमलव रखें
उदाहरण: 3.24 × 1.5
= 324 × 15 = 4860
कुल दशमलव स्थान = 2 + 1 = 3
उत्तर = 4.860 = 4.86
उदाहरण: 0.003 × 0.07
= 3 × 7 = 21
कुल स्थान = 3 + 2 = 5
उत्तर = 0.00021
भाग: विधि 1: पूर्ण संख्याओं में बदलें भाजक में दशमलव समाप्त करने के लिए भाजक और भाज्य दोनों को 10 की समान घात से गुणा करें।
उदाहरण: 4.86 ÷ 0.6
= 48.6 ÷ 6
= 8.1
उदाहरण: 0.0072 ÷ 0.08
= 0.72 ÷ 8
= 0.09
10 की घातों से गुणन:
- × 10: दशमलव 1 स्थान दाईं ओर
- × 100: दशमलव 2 स्थान दाईं ओर
- × 1000: दशमलव 3 स्थान दाईं ओर
- × 0.1: दशमलव 1 स्थान बाईं ओर
- × 0.01: दशमलव 2 स्थान बाईं ओर
10 की घातों से भाग:
- ÷ 10: दशमलव 1 स्थान बाईं ओर
- ÷ 100: दशमलव 2 स्थान बाईं ओर
- ÷ 0.1: दशमलव 1 स्थान दाईं ओर
- ÷ 0.01: दशमलव 2 स्थान दाईं ओर
2.6 दशमलव की तुलना
विधि: बाएं से दाएं अंक दर अंक तुलना करें (पूर्ण संख्या भाग से शुरू)
उदाहरण: 3.4567 और 3.4589 की तुलना
- पूर्ण भाग: 3 = 3
- पहला दशमलव: 4 = 4
- दूसरा दशमलव: 5 = 5
- तीसरा दशमलव: 6 बनाम 8 → 8 > 6 तो 3.4589 > 3.4567
2.7 दशमलव को पूर्णांकित करना
नियम:
- यदि हटाया जाने वाला अंक < 5, नीचे पूर्णांकित करें (पिछला अंक वही रहे)
- यदि हटाया जाने वाला अंक ≥ 5, ऊपर पूर्णांकित करें (पिछला अंक 1 बढ़ाएं)
उदाहरण:
- 3.456 को 2 दशमलव स्थान तक = 3.46 (तीसरा दशमलव 6 ≥ 5, ऊपर पूर्णांकित)
- 3.454 को 2 दशमलव स्थान तक = 3.45 (तीसरा दशमलव 4 < 5, नीचे पूर्णांकित)
- 47.836 को निकटतम पूर्ण संख्या तक = 48 (पहला दशमलव 8 ≥ 5)
- 47.436 को निकटतम पूर्ण संख्या तक = 47 (पहला दशमलव 4 < 5)
2.8 SSC परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण दशमलव शॉर्टकट
- 0.5 = 1/2 → 0.5 से गुणा = 2 से भाग
- 0.25 = 1/4 → 0.25 से गुणा = 4 से भाग
- 0.125 = 1/8 → 0.125 से गुणा = 8 से भाग
- 0.0625 = 1/16
- 0.2 = 1/5 → 0.2 से गुणा = 5 से भाग
- 0.1̄ = 1/9
- 1.5 = 3/2
- 2.5 = 5/2
- 1.25 = 5/4
- 0.75 = 3/4
3. भिन्न - पूरी जानकारी
3.1 भिन्न की मूल बातें
एक भिन्न p/q दर्शाता है:
- q समान भागों में से p भाग
- p = अंश
- q = हर
- q ≠ 0 हमेशा
संख्या रेखा पर भिन्न:
- उचित भिन्न 0 और 1 के बीच होती हैं
- अनुचित भिन्न 1 पर या उसके दाईं ओर होती हैं
- ऋणात्मक भिन्न 0 के बाईं ओर होती हैं
3.2 भिन्न के प्रकार - पूरी सूची
उचित भिन्न:
- अंश < हर
- मान हमेशा 0 और 1 के बीच (धनात्मक भिन्नों के लिए)
- उदाहरण: 1/2, 3/4, 7/9, 5/8, 11/17
- उचित भिन्न + उसकी पूरक = 1 (3/7 की पूरक 4/7 है)
अनुचित भिन्न:
- अंश > हर (या =)
- मान ≥ 1
- उदाहरण: 7/4, 9/2, 11/3, 5/5, 15/7
- 5/5 = 1 (ठीक 1)
मिश्रित भिन्न:
- पूर्ण संख्या + उचित भिन्न
- उदाहरण: 2(3/4), 5(1/2), 3(2/7)
- अनुचित में बदलना: a(b/c) = (a×c + b)/c
- 2(3/4) = (2×4 + 3)/4 = 11/4
- 5(1/2) = (5×2 + 1)/2 = 11/2
- मिश्रित में बदलना: अंश को हर से भाग दें
- 11/4 = 2 शेषफल 3 = 2(3/4)
सजातीय भिन्न:
- समान हर
- उदाहरण: 1/7, 2/7, 5/7, 9/7
- जोड़ना/घटाना आसान (बस अंश जोड़ें/घटाएं)
विजातीय भिन्न:
- भिन्न हर
- उदाहरण: 1/2, 2/3, 3/5
समतुल्य भिन्न:
- समान मान लेकिन भिन्न रूप
- दोनों को समान अशून्य संख्या से गुणा या भाग करें
- उदाहरण: 1/2 = 2/4 = 3/6 = 4/8 = 5/10 = 50/100
- जांच करने के लिए: क्रॉस गुणा (a/b = c/d यदि ad = bc)
इकाई भिन्न:
- अंश = 1
- उदाहरण: 1/2, 1/3, 1/7, 1/100
- हर बढ़ने पर इकाई भिन्न घटती है
जटिल भिन्न:
- अंश या हर (या दोनों) स्वयं एक भिन्न है
- उदाहरण: (3/4)/(5/7) = 3/4 × 7/5 = 21/20
- उदाहरण: (2 + 1/3)/(4 - 1/2) = (7/3)/(7/2) = 7/3 × 2/7 = 2/3
3.3 भिन्न का सरलीकरण
न्यूनतम रूप में:
- अंश और हर का HCF निकालें
- दोनों को HCF से भाग दें
उदाहरण: 48/72 सरल करें
- HCF(48, 72) = 24
- 48/24 = 2, 72/24 = 3
- न्यूनतम रूप = 2/3
उदाहरण: 195/385 सरल करें
- 195 = 3 × 5 × 13
- 385 = 5 × 7 × 11
- HCF = 5
- 195/5 = 39, 385/5 = 77
- 39/77
3.4 भिन्नों की तुलना
विधि 1 - क्रॉस गुणन: a/b और c/d की तुलना:
- a×d और b×c की गणना करें
- यदि ad > bc, तो a/b > c/d
- यदि ad < bc, तो a/b < c/d
उदाहरण: 5/8 और 7/11 की तुलना
- 5×11 = 55
- 7×8 = 56
- 55 < 56 इसलिए 5/8 < 7/11
विधि 2 - समान हर (LCM विधि): LCM का उपयोग करके समान हर में बदलें।
उदाहरण: 3/4, 5/6, 7/9 की तुलना
- LCM(4,6,9) = 36
- 3/4 = 27/36
- 5/6 = 30/36
- 7/9 = 28/36
- क्रम: 27/36 < 28/36 < 30/36
- तो 3/4 < 7/9 < 5/6
विधि 3 - दशमलव रूपांतरण: SSC में त्वरित तुलना के लिए सबसे अच्छा। 3/4 = 0.75, 5/6 = 0.833, 7/9 = 0.777
विधि 4 - त्वरित नियम:
नियम 1: समान अंश → बड़ा हर = छोटी भिन्न
- 3/7 बनाम 3/11: समान अंश 3, हर 7 < 11 इसलिए 3/7 > 3/11
नियम 2: समान हर → बड़ा अंश = बड़ी भिन्न
- 5/9 बनाम 7/9: समान हर 9, अंश 7 > 5 इसलिए 7/9 > 5/9
नियम 3: यदि a/b < 1: दोनों में समान धनात्मक k जोड़ने पर मान बढ़ता है
- उदाहरण: 3/5 बनाम 4/6: दोनों में 1 की वृद्धि। चूंकि 3/5 < 1, इसलिए 3/5 < 4/6 ✓
3.5 भिन्नों पर संक्रियाएं - पूरी जानकारी
सजातीय भिन्नों का योग: a/c + b/c = (a+b)/c उदाहरण: 3/11 + 5/11 = 8/11
विजातीय भिन्नों का योग: चरण 1: हरों का LCM निकालें चरण 2: समान हर में बदलें चरण 3: अंश जोड़ें
उदाहरण: 1/3 + 1/4 + 1/6
- LCM(3,4,6) = 12
- = 4/12 + 3/12 + 2/12
- = 9/12 = 3/4
व्यवकलन: योग जैसी ही प्रक्रिया।
उदाहरण: 5/6 - 3/8
- LCM(6,8) = 24
- = 20/24 - 9/24
- = 11/24
भिन्नों का गुणन: (a/b) × (c/d) = ac/bd
गुणा करने से पहले सरल करें (सामान्य गुणनखंड रद्द करें)।
उदाहरण: (14/15) × (25/21)
= (2/3) × (5/3) [14÷7=2, 21÷7=3; 25÷5=5, 15÷5=3]
= 10/9
भिन्नों का भाग: (a/b) ÷ (c/d) = (a/b) × (d/c) = ad/bc
"रखें, बदलें, पलटें" विधि:
- पहली भिन्न रखें
- भाग को गुणन में बदलें
- दूसरी भिन्न पलटें (व्युत्क्रम)
उदाहरण: (3/5) ÷ (9/10)
= (3/5) × (10/9)
= 30/45
= 2/3
उदाहरण: 2(1/4) ÷ 1(1/2)
= (9/4) ÷ (3/2)
= (9/4) × (2/3)
= 18/12
= 3/2
= 1(1/2)
मिश्रित संक्रियाएं: हमेशा BODMAS का पालन करें।
उदाहरण: (1/2 + 1/3) ÷ (1/4 - 1/6)
= (5/6) ÷ (1/12)
= (5/6) × 12
= 10
3.6 महत्वपूर्ण भिन्न सूत्र
व्युत्क्रम:
- a/b का व्युत्क्रम = b/a
- पूर्ण संख्या n का व्युत्क्रम = 1/n
- मिश्रित संख्या 2(3/4) का व्युत्क्रम = 4/11
- संख्या और उसके व्युत्क्रम का गुणनफल = 1
भिन्न और असमता के गुणधर्म: यदि a/b < 1 (उचित भिन्न):
- a/b < (a+k)/(b+k) किसी भी धनात्मक k के लिए (दोनों में समान धनात्मक संख्या जोड़ने पर मान बढ़ता है)
- a/b > (a-k)/(b-k) k < a के लिए
यदि a/b > 1 (अनुचित भिन्न):
- a/b > (a+k)/(b+k) (दोनों में समान धनात्मक संख्या जोड़ने पर मान 1 की ओर घटता है)
3.7 SSC प्रकार की भिन्न समस्याएं
प्रकार 1: दूरबीनी गुणनफल
(1 - 1/2)(1 - 1/3)(1 - 1/4)...(1 - 1/n)
= (1/2)(2/3)(3/4)...(n-1)/n
= 1/n
उदाहरण: (1-1/2)(1-1/3)(1-1/4)...(1-1/10)
= 1/10
प्रकार 2: दूरबीनी योग
1/(1×2) + 1/(2×3) + 1/(3×4) + ... + 1/(n×(n+1))
= (1 - 1/2) + (1/2 - 1/3) + (1/3 - 1/4) + ... + (1/n - 1/(n+1))
= 1 - 1/(n+1)
= n/(n+1)
उदाहरण: 1/(1×2) + 1/(2×3) + ... + 1/(9×10)
= 1 - 1/10
= 9/10
प्रकार 3: मूल भिन्न खोजना
जब दोनों अंश और हर में a जोड़ने पर भिन्न p/q हो जाती है। मूल भिन्न खोजें।
उदाहरण: एक भिन्न 4/5 हो जाती है जब अंश और हर दोनों में 1 जोड़ा जाए। मूल भिन्न?
माना भिन्न = x/y
(x+1)/(y+1) = 4/5
5x+5 = 4y+4
5x - 4y = -1 ... (i)
x=3, y=4 रखें: 5(3)-4(4) = 15-16 = -1 ✓
मूल भिन्न = 3/4
3.8 भिन्न, दशमलव और प्रतिशत की तालिका
| भिन्न | दशमलव | प्रतिशत |
|---|---|---|
| 1/2 | 0.5 | 50% |
| 1/3 | 0.333... | 33.33% |
| 2/3 | 0.666... | 66.67% |
| 1/4 | 0.25 | 25% |
| 3/4 | 0.75 | 75% |
| 1/5 | 0.2 | 20% |
| 2/5 | 0.4 | 40% |
| 3/5 | 0.6 | 60% |
| 4/5 | 0.8 | 80% |
| 1/6 | 0.1666... | 16.67% |
| 5/6 | 0.8333... | 83.33% |
| 1/7 | 0.142857... | 14.28% |
| 1/8 | 0.125 | 12.5% |
| 3/8 | 0.375 | 37.5% |
| 5/8 | 0.625 | 62.5% |
| 7/8 | 0.875 | 87.5% |
| 1/9 | 0.111... | 11.11% |
| 1/10 | 0.1 | 10% |
| 1/11 | 0.0909... | 9.09% |
| 1/12 | 0.0833... | 8.33% |
| 1/15 | 0.0666... | 6.67% |
| 1/16 | 0.0625 | 6.25% |
| 1/20 | 0.05 | 5% |
| 1/25 | 0.04 | 4% |
4. संख्या संबंध - पूरी जानकारी
4.1 परम मान (Modulus)
- |a| = a यदि a ≥ 0
- |a| = -a यदि a < 0
- |3| = 3, |-5| = 5, |0| = 0
- |a| ≥ 0 हमेशा
- |a × b| = |a| × |b|
- |a + b| ≤ |a| + |b| (त्रिभुज असमता)
- |a - b| ≥ ||a| - |b||
4.2 गुणनखंड और गुणज
गुणनखंड:
- a, b का गुणनखंड है यदि b ÷ a = पूर्ण संख्या (कोई शेषफल नहीं)
- 12 के गुणनखंड: 1, 2, 3, 4, 6, 12
- हर संख्या के कम से कम 2 गुणनखंड होते हैं (1 और स्वयं) सिवाय 1 के (केवल 1 गुणनखंड)
- N = p^a × q^b × r^c के गुणनखंडों की संख्या = (a+1)(b+1)(c+1)
गुणज:
- 3 के गुणज: 3, 6, 9, 12, 15, 18...
- हर संख्या 1 का गुणज है
- हर संख्या स्वयं का गुणज है
पूर्ण संख्याएं:
- वे संख्याएं जिनके उचित भाजकों का योग स्वयं उस संख्या के बराबर हो
- उदाहरण: 6 → गुणनखंड: 1,2,3 → 1+2+3 = 6 ✓
- उदाहरण: 28 → गुणनखंड: 1,2,4,7,14 → 1+2+4+7+14 = 28 ✓
पूर्ण वर्ग:
- वे संख्याएं जिनका वर्गमूल एक पूर्ण संख्या हो
- 1, 4, 9, 16, 25, 36, 49, 64, 81, 100, 121, 144...
- पूर्ण वर्ग हमेशा इन पर समाप्त होते हैं: 0, 1, 4, 5, 6, 9
- पूर्ण वर्ग कभी इन पर समाप्त नहीं होते: 2, 3, 7, 8
- पहले n विषम संख्याओं का योग = n²
पूर्ण घन:
- 1, 8, 27, 64, 125, 216, 343, 512, 729, 1000
- पूर्ण घन किसी भी अंक 0-9 पर समाप्त हो सकता है
4.3 वर्गमूल - पूरी जानकारी
परिभाषा: √a = b का अर्थ b² = a (b ≥ 0)
पूर्ण वर्गमूल: √1=1, √4=2, √9=3, √16=4, √25=5, √36=6, √49=7, √64=8, √81=9, √100=10, √121=11, √144=12, √169=13, √196=14, √225=15, √256=16, √289=17, √324=18, √361=19, √400=20
वर्गमूल के गुणधर्म:
- √(a×b) = √a × √b
- √(a/b) = √a/√b
- (√a)² = a (a ≥ 0 के लिए)
- √(a²) = |a| = a (a ≥ 0 के लिए)
- √a × √a = a
- √a + √b ≠ √(a+b) (सामान्य गलती!)
वर्गमूल सरल करना: √72 = √(36×2) = 6√2 √50 = √(25×2) = 5√2 √108 = √(36×3) = 6√3 √200 = √(100×2) = 10√2
भिन्नों का वर्गमूल: √(9/16) = √9/√16 = 3/4 √(25/49) = 5/7
अभाज्य गुणनखंड द्वारा वर्गमूल: √(7056): 7056 = 2^4 × 3^2 × 7^2 = 2² × 3 × 7 = 4 × 3 × 7 = 84 तो √7056 = 84
अपरिमेय वर्गमूल का सन्निकटन:
- √2 ≈ 1.414
- √3 ≈ 1.732
- √5 ≈ 2.236
- √6 ≈ 2.449
- √7 ≈ 2.646
- √8 = 2√2 ≈ 2.828
- √10 ≈ 3.162
- √11 ≈ 3.317
- √13 ≈ 3.606
- √15 ≈ 3.873
4.4 घनमूल
परिभाषा: ∛a = b का अर्थ b³ = a
पूर्ण घनमूल: ∛1=1, ∛8=2, ∛27=3, ∛64=4, ∛125=5, ∛216=6, ∛343=7, ∛512=8, ∛729=9, ∛1000=10
गुणधर्म:
- ∛(a×b) = ∛a × ∛b
- ∛(a/b) = ∛a/∛b
- (∛a)³ = a
4.5 करणी (Surds) - पूरी जानकारी
परिभाषा: करणी एक अपरिमेय संख्या है जो किसी परिमेय संख्या के n-वें मूल के रूप में व्यक्त की जाती है।
उदाहरण: √2, √3, ∛5, ⁴√7 करणियां हैं।
लेकिन √4 = 2 करणी नहीं है (यह परिमेय है)।
करणियों के प्रकार:
सरल करणी: एकल पद
- √3, ∛5, ⁴√2
शुद्ध करणी: कोई परिमेय भाग गुणित नहीं
- √2, √5, ∛7
मिश्रित करणी: परिमेय संख्या × करणी
- 2√3, 5√2, 3∛4
संयुक्त करणी (द्विपद करणी): करणियों का योग/अंतर
- √2 + √3, 3 + √5, √7 - √3
सजातीय करणियां: समान अपरिमेय भाग
- 2√3 और 5√3 सजातीय हैं (दोनों में √3)
- जोड़ा जा सकता है: 2√3 + 5√3 = 7√3
विजातीय करणियां: भिन्न अपरिमेय भाग
- √2 और √3 विजातीय हैं
- जोड़ा नहीं जा सकता: √2 + √3 ≠ √5
करणियों की घात:
- √2 = 2वीं घात (वर्गमूल)
- ∛3 = 3वीं घात (घनमूल)
- ⁴√5 = 4वीं घात (चतुर्थ मूल)
4.6 करणियों के नियम
गुणन: √a × √b = √(ab) [समान घात] 2√3 × 5√7 = 10√21
भाग: √a ÷ √b = √(a/b) [समान घात] √12 ÷ √3 = √4 = 2
योग/व्यवकलन (केवल सजातीय करणियां): a√n + b√n = (a+b)√n 3√5 + 2√5 = 5√5
घात: (√a)^n = a^(n/2) (√3)^4 = 3² = 9 (√5)^3 = 5^(3/2) = 5√5
4.7 करणियों का परिमेयकरण
परिभाषा: अंश और हर को परिमेयकरण गुणनखंड से गुणा करके हर को परिमेय बनाना।
प्रकार 1: हर में एकल करणी परिमेयकरण गुणनखंड = वही करणी
1/√3 = 1/√3 × √3/√3 = √3/3
3/√5 = 3/√5 × √5/√5 = 3√5/5
प्रकार 2: द्विपद करणी हर (a + √b) परिमेयकरण गुणनखंड = संयुग्मी = (a - √b)
1/(3 + √2) = 1/(3 + √2) × (3 - √2)/(3 - √2)
= (3 - √2)/(9 - 2)
= (3 - √2)/7
1/(√5 + √3) = 1/(√5 + √3) × (√5 - √3)/(√5 - √3)
= (√5 - √3)/(5 - 3)
= (√5 - √3)/2
प्रकार 3: दोहरी करणी हर वही संयुग्मी विधि उपयोग करें।
1/(√7 - √5) = 1/(√7 - √5) × (√7 + √5)/(√7 + √5)
= (√7 + √5)/(7 - 5)
= (√7 + √5)/2
4.8 SSC के लिए महत्वपूर्ण करणी सूत्र
(a + b)² = a² + 2ab + b² (√3 + √2)² = 3 + 2√6 + 2 = 5 + 2√6
(a - b)² = a² - 2ab + b² (√5 - √3)² = 5 - 2√15 + 3 = 8 - 2√15
(a+b)(a-b) = a² - b² (√7 + √3)(√7 - √3) = 7 - 3 = 4 (2+√3)(2-√3) = 4 - 3 = 1
व्यंजकों का मान निकालना: यदि x = 2 + √3, x + 1/x निकालें: 1/x = 1/(2+√3) = (2-√3)/((2+√3)(2-√3)) = (2-√3)/1 = 2-√3 x + 1/x = (2+√3) + (2-√3) = 4
यदि a = 3+2√2 और b = 3-2√2, a×b निकालें: = (3+2√2)(3-2√2) = 9 - 8 = 1 नोट: ab = 1 का अर्थ b = 1/a (वे व्युत्क्रम हैं)
करणियों की तुलना: √3 और ∛4 की तुलना: 6वें मूल में बदलें: √3 = ⁶√(3³) = ⁶√27 ∛4 = ⁶√(4²) = ⁶√16 चूंकि 27 > 16, इसलिए √3 > ∛4
4.9 SSC शैली की संख्या संबंध समस्याएं
प्रकार: योग/गुणनफल दिए होने पर मान निकालना
यदि x + 1/x = 5, x² + 1/x² निकालें:
(x + 1/x)² = x² + 2 + 1/x² = 25
x² + 1/x² = 23
यदि x + 1/x = 5, x³ + 1/x³ निकालें:
x³ + 1/x³ = (x + 1/x)³ - 3(x + 1/x) = 125 - 15 = 110
यदि x - 1/x = 4, x² + 1/x² निकालें:
(x - 1/x)² = x² - 2 + 1/x² = 16
x² + 1/x² = 18
यदि x² + 1/x² = 7, x + 1/x निकालें:
(x + 1/x)² = x² + 2 + 1/x² = 9
x + 1/x = 3
ये सूत्र अवश्य याद रखें:
- (x + 1/x)² = x² + 2 + 1/x²
- (x - 1/x)² = x² - 2 + 1/x²
- x² + 1/x² = (x + 1/x)² - 2 = (x - 1/x)² + 2
- x³ + 1/x³ = (x + 1/x)³ - 3(x + 1/x)
- x³ - 1/x³ = (x - 1/x)³ + 3(x - 1/x)
5. हल किए गए उदाहरण - SSC स्तर
उदाहरण 1: 0.1 + 0.1² + 0.1³ का मान है: = 0.1 + 0.01 + 0.001 = 0.111
उदाहरण 2: 3.6 × 0.48 + 0.02 × 1.44 का मान क्या है? = 3.6 × 0.48 + 0.02 × 1.44 = 1.728 + 0.0288 = 1.7568
उदाहरण 3: सरल करें: (0.6)³ - (0.2)³ / [(0.6)² + 0.6×0.2 + (0.2)²] a³ - b³ = (a-b)(a²+ab+b²) का उपयोग करें: = (0.6-0.2)(0.6²+0.6×0.2+0.2²) / (0.6²+0.6×0.2+0.2²) = 0.6 - 0.2 = 0.4
उदाहरण 4: अवरोही क्रम में व्यवस्थित करें: 7/8, 13/16, 31/40, 63/80 80 हर में बदलें: 7/8 = 70/80, 13/16 = 65/80, 31/40 = 62/80, 63/80 अवरोही: 70/80 > 65/80 > 63/80 > 62/80 = 7/8 > 13/16 > 63/80 > 31/40
उदाहरण 5: √(6+√(6+√(6+...∞))) निकालें माना x = √(6+√(6+...)) तो x = √(6+x) x² = 6+x x²-x-6=0 (x-3)(x+2)=0 x = 3 (धनात्मक मान लेते हुए) उत्तर = 3
उदाहरण 6: यदि √(0.0169 × x) = 1.3, x निकालें। 0.0169 × x = 1.69 x = 1.69/0.0169 = 100
उदाहरण 7: दो भिन्नों का गुणनफल 14/15 है। यदि एक भिन्न 7/6 है, दूसरी क्या है? दूसरी = (14/15) ÷ (7/6) = (14/15) × (6/7) = 84/105 = 4/5
उदाहरण 8: यदि 1.5x = 0.04y, तो (y-x)/(y+x) = ? 1.5x = 0.04y y/x = 1.5/0.04 = 150/4 = 75/2 y = 75k, x = 2k (किसी k के लिए) (y-x)/(y+x) = (75k-2k)/(75k+2k) = 73k/77k = 73/77
उदाहरण 9: एक मिनट का दशमलव भिन्न क्या है 18 सेकंड? 18 सेकंड/60 सेकंड = 18/60 = 3/10 = 0.3
उदाहरण 10: यदि x = 3 + 2√2, तो x + 1/x = ? 1/x = 1/(3+2√2) × (3-2√2)/(3-2√2) = (3-2√2)/(9-8) = 3-2√2 x + 1/x = (3+2√2) + (3-2√2) = 6
6. मुख्य सूत्र - त्वरित संदर्भ
पूर्ण संख्याएं:
- 1 से n का योग = n(n+1)/2
- पहले n विषम संख्याओं का योग = n²
- पहले n सम संख्याओं का योग = n(n+1)
- 1 से n के वर्गों का योग = n(n+1)(2n+1)/6
- 1 से n के घनों का योग = [n(n+1)/2]²
- p^a × q^b × r^c के गुणनखंडों की संख्या = (a+1)(b+1)(c+1)
दशमलव:
- 0.aaa... = a/9
- 0.abab... = ab/99
- 0.abc abc... = abc/999
- 0.ab̄ (b दोहराता है) = (ab-a)/90
- 0.a b̄c̄ = (abc-a)/990
भिन्न:
- (a/b) ÷ (c/d) = ad/bc
- (a/b) × (c/d) = ac/bd
- a/b + c/d = (ad+bc)/bd (फिर सरल करें)
- यदि a/b < 1: दोनों में समान धनात्मक k जोड़ने पर मान बढ़ता है
- दूरबीनी: (1-1/2)(1-1/3)...(1-1/n) = 1/n
- 1/(1×2) + 1/(2×3) + ... + 1/(n(n+1)) = n/(n+1)
करणियां:
- (a+√b)(a-√b) = a²-b
- (√a+√b)(√a-√b) = a-b
- यदि x+1/x = k: x²+1/x² = k²-2, x³+1/x³ = k³-3k
- यदि x-1/x = k: x²+1/x² = k²+2, x³-1/x³ = k³+3k