भारत ने दक्षिण कोरिया में अपना पहला युद्ध स्मारक स्थापित किया, कोरियाई युद्ध के नायकों को श्रद्धांजलि दी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 21 मई 2026 को दक्षिण कोरिया के पाजू स्थित इमजिंगक पार्क में भारत के पहले युद्ध स्मारक का उद्घाटन किया। यह समारोह दक्षिण कोरिया के वयोवृद्ध मामलों के मंत्री क्वोन ओह-युल के साथ संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। यह स्मारक कोरियाई युद्ध (1950–1953) में भारत की भागीदारी की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में बनाया गया है।
पृष्ठभूमि: कोरियाई युद्ध 1950 से 1953 के बीच लड़ा गया था। भारत ने युद्ध में सीधे भाग नहीं लिया, लेकिन 60वीं पैराशूट फील्ड एम्बुलेंस यूनिट के माध्यम से चिकित्सा सहायता प्रदान की। युद्ध के बाद भारत की कस्टोडियन फोर्स ऑफ इंडिया (CFI) ने युद्धबंदियों की शांतिपूर्ण वापसी की निगरानी की।
खबर में क्यों: यह पहली बार है जब भारत ने विदेशी धरती पर कोरियाई युद्ध में अपने योगदान के सम्मान में एक समर्पित युद्ध स्मारक स्थापित किया है। यह भारत-दक्षिण कोरिया विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
याद रखने योग्य बिंदु:
- घटना: दक्षिण कोरिया में भारत के पहले युद्ध स्मारक का उद्घाटन
- तिथि: 21 मई 2026
- स्थान: इमजिंगक पार्क, पाजू, दक्षिण कोरिया
- उद्घाटनकर्ता: राजनाथ सिंह (भारत) और मंत्री क्वोन ओह-युल (दक्षिण कोरिया)
- उद्देश्य: कोरियाई युद्ध (1950–53) में भारत की भूमिका को सम्मान देना
- निर्माणकर्ता: भारत का रक्षा मंत्रालय
- सम्मानित इकाइयाँ: 60वीं पैरा फील्ड एम्बुलेंस और कस्टोडियन फोर्स ऑफ इंडिया (CFI)
- प्रमुख व्यक्तित्व: लेफ्टिनेंट कर्नल A.G. रंगराज और जनरल K.S. थिमैया
- K.S. थिमैया की भूमिका: NNRC के अध्यक्ष रहे
- हस्ताक्षरित MoU: वयोवृद्धों के कल्याण और शैक्षणिक आदान-प्रदान पर
- अवसर: कोरियाई युद्ध की 75वीं वर्षगांठ
- भारत-दक्षिण कोरिया संबंध: विशेष रणनीतिक साझेदारी
संबंधित स्टेटिक GK:
- कोरियाई युद्ध: 1950–1953
- भारत के रक्षा मंत्री: राजनाथ सिंह
- दक्षिण कोरिया की राजधानी: सियोल
- दक्षिण कोरिया की मुद्रा: दक्षिण कोरियाई वॉन
- जनरल K.S. थिमैया: भारत के पूर्व थल सेनाध्यक्ष
- NNRC: तटस्थ राष्ट्र प्रत्यावर्तन आयोग
- कस्टोडियन फोर्स ऑफ इंडिया: युद्धविराम के बाद कोरिया में तैनात भारतीय शांति सेना
- इमजिंगक पार्क: कोरियाई विसैन्यीकृत क्षेत्र (DMZ) के निकट ऐतिहासिक स्थल