चुनाव आयोग ने जून 2026 से मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के निर्देश दिए - 22 राज्यों और UTs के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को प्रारंभिक कार्य पूरा करने के निर्देश
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 22 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के लिए सभी प्रारंभिक कार्य पूरे करने के निर्देश दिए हैं। यह निर्देश 7-8 जून 2026 को राज्य और राष्ट्रीय चुनावों के अगले चक्र से पहले स्वच्छ, अद्यतन और समावेशी मतदाता सूचियां सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जारी किए गए।
SIR एक आवधिक अभ्यास है जिसके तहत ECI मतदाता सूचियों को व्यापक रूप से अद्यतन करती है - नए पात्र मतदाताओं (18 वर्ष पूर्ण करने वालों) को जोड़ती है, मृत मतदाताओं और डुप्लिकेट प्रविष्टियों को हटाती है, तथा नाम और पते में त्रुटियों को सुधारती है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में ECI ने SIR के साथ-साथ SVEEP (सिस्टेमेटिक वोटर्स एजुकेशन एंड इलेक्टोरल पार्टिसिपेशन) कार्यक्रम पर भी जोर दिया है। सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों से बूथ स्तर के अधिकारियों (BLOs) को सक्रिय करने और डिजिटल सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
पृष्ठभूमि: मतदाता सूची एक निर्वाचन क्षेत्र में सभी पंजीकृत मतदाताओं की सूची है। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और निर्वाचकों का पंजीकरण नियम, 1960 मतदाता सूचियों की तैयारी और पुनरीक्षण को नियंत्रित करते हैं। SIR सबसे व्यापक प्रकार का पुनरीक्षण है, जिसमें BLO अपने नियत मतदान बूथ क्षेत्र में प्रत्येक घर का दौरा करते हैं। भारत में वर्तमान में 97 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाता हैं - विश्व का सबसे बड़ा मतदाता समूह।
खबर में क्यों: ECI का SIR निर्देश UPSC, SSC CGL, बैंकिंग और रेलवे परीक्षाओं के लिए प्रासंगिक है क्योंकि मतदाता सूची पुनरीक्षण एक मौलिक संवैधानिक प्रक्रिया है। SIR का पूर्ण रूप, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950, BLOs की भूमिका, SVEEP, मुख्य निर्वाचन आयुक्त (ज्ञानेश कुमार), मतदाता हेल्पलाइन (1950) और भारत के कुल पंजीकृत मतदाताओं (97+ करोड़) पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
याद रखने योग्य बिंदु:
- ECI ने 22 राज्यों/UTs को SIR प्रारंभिक कार्य पूरा करने के निर्देश: 7-8 जून 2026
- SIR का पूर्ण रूप: Special Intensive Revision (मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण)
- उद्देश्य: मतदाता सूचियां अद्यतन करना - नए पात्र मतदाता जोड़ना, मृतकों को हटाना, त्रुटियां सुधारना
- निर्देश दिया: भारत निर्वाचन आयोग (ECI)
- मुख्य निर्वाचन आयुक्त (2026): ज्ञानेश कुमार
- 22 राज्यों और UTs को प्रारंभिक कार्य पूरा करने के निर्देश
- SIR के लिए प्रमुख कर्मी: बूथ स्तर के अधिकारी (BLOs) - प्रत्येक मतदान केंद्र पर
- SVEEP: Systematic Voters' Education and Electoral Participation - ECI का मतदाता जागरूकता कार्यक्रम
- मतदाता हेल्पलाइन: 1950
- मतदाता पोर्टल: voters.eci.gov.in
- भारत के पंजीकृत मतदाता: 97 करोड़ से अधिक - विश्व का सबसे बड़ा मतदाता समूह
- मतदाता सूची: जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 + निर्वाचकों का पंजीकरण नियम, 1960 द्वारा शासित
- पुनरीक्षण के प्रकार: संक्षिप्त पुनरीक्षण + गहन पुनरीक्षण (SIR गहन है)
- हाल में पूरे हुए राज्य चुनाव: असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी (अप्रैल-मई 2026)
संबंधित स्टेटिक GK:
- ECI का पूर्ण रूप: Election Commission of India (भारत निर्वाचन आयोग)
- ECI स्थापना: 25 जनवरी 1950 (हर वर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जाता है)
- ECI: संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत संवैधानिक निकाय
- अनुच्छेद 324: चुनावों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण का अधिकार निर्वाचन आयोग में निहित
- मुख्य निर्वाचन आयुक्त: ज्ञानेश कुमार (वर्तमान); सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान कार्यकाल सुरक्षा
- जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950: मतदाता सूचियों की तैयारी को शासित करता है
- जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951: चुनावों के आयोजन को शासित करता है
- BLO का पूर्ण रूप: Booth Level Officer (बूथ स्तर अधिकारी)
- SVEEP: Systematic Voters' Education and Electoral Participation; ECI का प्रमुख मतदाता जागरूकता कार्यक्रम
- राष्ट्रीय मतदाता दिवस: 25 जनवरी (ECI की स्थापना वर्षगांठ)
- भारत में मतदान की न्यूनतम आयु: 18 वर्ष (61वें संविधान संशोधन अधिनियम 1988 द्वारा 21 से घटाई गई)
- भारत का मतदाता समूह: 97 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाता (विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र)
- ECI मुख्यालय: निर्वाचन सदन, अशोक रोड, नई दिल्ली