दिल्ली EV नीति 2.0 आज 1 जुलाई से लागू हुई - सब्सिडी और प्रोत्साहनों के जरिए मार्च 2030 तक इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने का लक्ष्य
दिल्ली सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2.0 आज 1 जुलाई 2026 से आधिकारिक रूप से लागू हो गई और 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी। दिल्ली कैबिनेट ने इसे 30 जून को मंजूरी दी। यह नीति अगस्त 2020 में शुरू की गई मूल दिल्ली EV नीति की जगह लेती है। इसका उद्देश्य सीधी सब्सिडी, खरीद लागत में कमी और सहायक बुनियादी ढांचे के निर्माण के जरिए राष्ट्रीय राजधानी में सभी श्रेणियों के इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाना है।
नई नीति में दोपहिया, तिपहिया, चारपहिया और माल वाहनों के लिए बेहतर खरीद प्रोत्साहन दिए गए हैं। इसमें अनिवार्य किया गया है कि 1 जुलाई से दिल्ली में पंजीकृत सभी नए ऑटोरिक्शा इलेक्ट्रिक होने चाहिए और सभी नई कमर्शियल कैब एग्रीगेटर सेवाओं को 2027 तक EV में बदलना होगा। सरकार ने 2028 तक दिल्ली में सभी नए वाहन पंजीकरण का 25 प्रतिशत इलेक्ट्रिक करने का लक्ष्य रखा है।
खबर में क्यों: दिल्ली EV नीति 2.0 आज से लागू होती है इसलिए यह SSC CGL, बैंकिंग, UPSC और रेलवे परीक्षाओं के लिए सीधा करंट अफेयर्स प्रश्न है। नीति का नाम, प्रभावी तिथि, समाप्ति तिथि, ऑटोरिक्शा अनिवार्यता और EV पंजीकरण लक्ष्य पर ध्यान दें।
याद रखने योग्य बिंदु:
- दिल्ली EV नीति 2.0 प्रभावी: 1 जुलाई 2026
- वैध तक: 31 मार्च 2030
- दिल्ली कैबिनेट की मंजूरी: 30 जून 2026
- दिल्ली EV नीति 2020 (अगस्त 2020) की जगह लेती है
- मुख्य अनिवार्यता: 1 जुलाई से दिल्ली में सभी नए ऑटोरिक्शा इलेक्ट्रिक होने चाहिए
- कमर्शियल कैब एग्रीगेटर 2027 तक EV में बदलें
- लक्ष्य: 2028 तक 25 प्रतिशत नए वाहन पंजीकरण इलेक्ट्रिक
- कवरेज: दोपहिया, तिपहिया, चारपहिया, माल वाहन
- दिल्ली CM (2026): रेखा गुप्ता (BJP); LG: विनय कुमार सक्सेना
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